ये न थी हमारी क़िस्मत

ये न थी हमारी क़िस्मत के[ithoughts_tooltip_glossary-tooltip content=”प्रिय से मिलन”]विसाले यार[/ithoughts_tooltip_glossary-tooltip]   होता
अगर और जीते रहते यही इन्तज़ार होता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *