सब तमन्नाएँ हों पूरी, कोई ख्वाहिश भी रहे चाहता वो है, मुहब्बत में नुमाइश भी रहे आसमाँ चूमे मेरे पँख तेरी रहमत से और किसी पेड की डाली पर रिहाइश भी रहे उसने सौंपा नही मुझे मेरे हिस्से का वजूद उसकी कोशिश है की मुझसे मेरी रंजिश भी रहे मुझको मालूम है मेरा है वो… Continue reading सब तमन्नाएँ हों पूरी / कुमार विश्वास
है नमन उनको / कुमार विश्वास
है नमन उनको कि जो यशकाय को अमरत्व देकर इस जगत के शौर्य की जीवित कहानी हो गये हैं है नमन उनको कि जिनके सामने बौना हिमालय जो धरा पर गिर पड़े पर आसमानी हो गये हैं है नमन उस देहरी को जिस पर तुम खेले कन्हैया घर तुम्हारे परम तप की राजधानी हो गये… Continue reading है नमन उनको / कुमार विश्वास
पिता की याद / कुमार विश्वास
फिर पुराने नीम के नीचे खडा हूँ फिर पिता की याद आई है मुझे नीम सी यादें ह्रदय में चुप समेटे चारपाई डाल आँगन बीच लेटे सोचते हैं हित सदा उनके घरों का दूर है जो एक बेटी चार बेटे फिर कोई रख हाथ काँधे पर कहीं यह पूछता है- “क्यूँ अकेला हूँ भरी इस… Continue reading पिता की याद / कुमार विश्वास
ये वही पुरानी राहें हैं / कुमार विश्वास
चेहरे पर चँचल लट उलझी, आँखों में सपन सुहाने हैं ये वही पुरानी राहें हैं, ये दिन भी वही पुराने हैं कुछ तुम भूली कुछ मैं भूला मंज़िल फिर से आसान हुई हम मिले अचानक जैसे फिर पहली पहली पहचान हुई आँखों ने पुनः पढी आँखें, न शिकवे हैं न ताने हैं चेहरे पर चँचल… Continue reading ये वही पुरानी राहें हैं / कुमार विश्वास
मै तुम्हे अधिकार दूँगा / कुमार विश्वास
मैं तुम्हें अधिकार दूँगा एक अनसूंघे सुमन की गन्ध सा मैं अपरिमित प्यार दूँगा मैं तुम्हें अधिकार दूँगा सत्य मेरे जानने का गीत अपने मानने का कुछ सजल भ्रम पालने का मैं सबल आधार दूँगा मैं तुम्हे अधिकार दूँगा ईश को देती चुनौती, वारती शत-स्वर्ण मोती अर्चना की शुभ्र ज्योति मैं तुम्हीं पर वार दूँगा… Continue reading मै तुम्हे अधिकार दूँगा / कुमार विश्वास
मै तुम्हे ढूंढने / कुमार विश्वास
मैं तुम्हें ढूँढने स्वर्ग के द्वार तक रोज आता रहा, रोज जाता रहा तुम ग़ज़ल बन गई, गीत में ढल गई मंच से में तुम्हें गुनगुनाता रहा जिन्दगी के सभी रास्ते एक थे सबकी मंजिल तुम्हारे चयन तक गई अप्रकाशित रहे पीर के उपनिषद् मन की गोपन कथाएँ नयन तक रहीं प्राण के पृष्ठ पर… Continue reading मै तुम्हे ढूंढने / कुमार विश्वास
मै कवि हूँ / कुमार विश्वास
सम्बन्धों को अनुबन्धों को परिभाषाएँ देनी होंगी होठों के संग नयनों को कुछ भाषाएँ देनी होंगी हर विवश आँख के आँसू को यूँ ही हँस हँस पीना होगा मै कवि हूँ जब तक पीड़ा है तब तक मुझको जीना होगा मनमोहन के आकर्षण मे भूली भटकी राधाओं की हर अभिशापित वैदेही को पथ मे मिलती… Continue reading मै कवि हूँ / कुमार विश्वास
बादडियो गगरिया भर दे / कुमार विश्वास
बादड़ियो गगरिया भर दे बादड़ियो गगरिया भर दे प्यासे तन-मन-जीवन को इस बार तो तू तर कर दे बादड़ियो गगरिया भर दे अंबर से अमृत बरसे तू बैठ महल मे तरसे प्यासा ही मर जाएगा बाहर तो आजा घर से इस बार समन्दर अपना बूँदों के हवाले कर दे बादड़ियो गगरिया भर दे सबकी अरदास… Continue reading बादडियो गगरिया भर दे / कुमार विश्वास
सूरज पर प्रतिबंध अनेकों / कुमार विश्वास
सूरज पर प्रतिबंध अनेकों और भरोसा रातों पर नयन हमारे सीख रहे हैं हँसना झूठी बातों पर हमने जीवन की चौसर पर दाँव लगाए आँसू वाले कुछ लोगों ने हर पल, हर दिन मौके देखे बदले पाले हम शंकित सच पा अपने, वे मुग्ध स्वयं की घातों पर नयन हमारे सीख रहे हैं हँसना झूठी… Continue reading सूरज पर प्रतिबंध अनेकों / कुमार विश्वास
उनकी ख़ैरो-ख़बर नही मिलती / कुमार विश्वास
उनकी ख़ैरो-ख़बर नही मिलती हमको ही खासकर नही मिलती शायरी को नज़र नही मिलती मुझको तू ही अगर नही मिलती रूह मे, दिल में, जिस्म में, दुनिया ढूंढता हूँ मगर नही मिलती लोग कहते हैं रुह बिकती है मै जिधर हूँ उधर नही मिलती