नेह के सन्दर्भ बौने हो गए होंगे मगर, फिर भी तुम्हारे साथ मेरी भावनायें हैं, शक्ति के संकल्प बोझिल हो गये होंगे मगर, फिर भी तुम्हारे चरण मेरी कामनायें हैं, हर तरफ है भीड़ ध्वनियाँ और चेहरे हैं अनेकों, तुम अकेले भी नहीं हो, मैं अकेला भी नहीं हूँ योजनों चल कर सहस्रों मार्ग आतंकित… Continue reading नेह के सन्दर्भ बौने हो गए / कुमार विश्वास
मैं तो झोंका हूँ हवा का उड़ा ले जाऊँगा / कुमार विश्वास
मैं तो झोंका हूँ हवा का उड़ा ले जाऊँगा जागती रहना तुझे तुझसे चुरा ले जाऊँगा हो के कदमों पे निछावर फूल ने बुत से कहा ख़ाक में मिल के भी मैं खुश्बू बचा ले जाऊँगा कौन सी शै मुझको पहुँचाएगी तेरे शहर तक ये पता तो तब चलेगा जब पता ले जाऊँगा कोशिशें मुझको… Continue reading मैं तो झोंका हूँ हवा का उड़ा ले जाऊँगा / कुमार विश्वास
प्यार जब जिस्म की चीखों में दफ़न हो जाये / कुमार विश्वास
प्यार जब जिस्म की चीखों में दफ़न हो जाए, ओढ़नी इस तरह उलझे कि कफ़न हो जाए, घर के एहसास जब बाजार की शर्तो में ढले, अजनबी लोग जब हमराह बन के साथ चले, लबों से आसमां तक सबकी दुआ चुक जाए, भीड़ का शोर जब कानो के पास रुक जाए, सितम की मारी हुई… Continue reading प्यार जब जिस्म की चीखों में दफ़न हो जाये / कुमार विश्वास
कुछ छोटे सपनो के बदले / कुमार विश्वास
कुछ छोटे सपनो के बदले, बड़ी नींद का सौदा करने, निकल पडे हैं पांव अभागे,जाने कौन डगर ठहरेंगे ! वही प्यास के अनगढ़ मोती, वही धूप की सुर्ख कहानी, वही आंख में घुटकर मरती, आंसू की खुद्दार जवानी, हर मोहरे की मूक विवशता,चौसर के खाने क्या जाने हार जीत तय करती है वे, आज कौन… Continue reading कुछ छोटे सपनो के बदले / कुमार विश्वास
जिसकी धुन पर दुनिया नाचे / कुमार विश्वास
जिसकी धुन पर दुनिया नाचे, दिल ऐसा इकतारा है, जो हमको भी प्यारा है और, जो तुमको भी प्यारा है. झूम रही है सारी दुनिया, जबकि हमारे गीतों पर, तब कहती हो प्यार हुआ है, क्या अहसान तुम्हारा है. जो धरती से अम्बर जोड़े , उसका नाम मोहब्बत है , जो शीशे से पत्थर तोड़े… Continue reading जिसकी धुन पर दुनिया नाचे / कुमार विश्वास
रंग दुनिया ने दिखाया है निराला / कुमार विश्वास
रंग दुनिया ने दिखाया है निराला, देखूँ, है अँधेरे में उजाला, तो उजाला देखूँ आइना रख दे मेरे हाथ में,आख़िर मैं भी, कैसा लगता है तेरा चाहने वाला देखूँ जिसके आँगन से खुले थे मेरे सारे रस्ते, उस हवेली पे भला कैसे मैं ताला देखूँ हर एक नदिया के होंठों पे समंदर का तराना है,… Continue reading रंग दुनिया ने दिखाया है निराला / कुमार विश्वास
तुम्हे मैं प्यार नहीं दे पाऊँगा / कुमार विश्वास
ओ कल्पव्रक्ष की सोनजुही! ओ अमलताश की अमलकली! धरती के आतप से जलते… मन पर छाई निर्मल बदली… मैं तुमको मधुसदगन्ध युक्त संसार नहीं दे पाऊँगा| तुम मुझको करना माफ तुम्हें मैं प्यार नहीं दे पाऊँगा|| तुम कल्पव्रक्ष का फूल और मैं धरती का अदना गायक तुम जीवन के उपभोग योग्य मैं नहीं स्वयं अपने… Continue reading तुम्हे मैं प्यार नहीं दे पाऊँगा / कुमार विश्वास
हो काल गति से परे चिरंतन / कुमार विश्वास
हो काल गति से परे चिरंतन, अभी यहाँ थे अभी यही हो। कभी धरा पर कभी गगन में, कभी कहाँ थे कभी कहीं हो। तुम्हारी राधा को भान है तुम, सकल चराचर में हो समाये। बस एक मेरा है भाग्य मोहन, कि जिसमें होकर भी तुम नहीं हो। न द्वारका में मिलें बिराजे, बिरज की… Continue reading हो काल गति से परे चिरंतन / कुमार विश्वास
अमावस की काली रातों में / कुमार विश्वास
मावस की काली रातों में दिल का दरवाजा खुलता है, जब दर्द की काली रातों में गम आंसू के संग घुलता है, जब पिछवाड़े के कमरे में हम निपट अकेले होते हैं, जब घड़ियाँ टिक-टिक चलती हैं,सब सोते हैं, हम रोते हैं, जब बार-बार दोहराने से सारी यादें चुक जाती हैं, जब ऊँच-नीच समझाने में… Continue reading अमावस की काली रातों में / कुमार विश्वास
तुम अगर नहीं आयीं / कुमार विश्वास
तुम अगर नहीं आयीं, गीत गा ना पाऊँगा| साँस साथ छोडेगी, सुर सजा ना पाऊँगा| तान भावना की है, शब्द-शब्द दर्पण है, बाँसुरी चली आओ, होट का निमन्त्रण है| तुम बिना हथेली की हर लकीर प्यासी है, तीर पार कान्हा से दूर राधिका सी है| दूरियाँ समझती हैं दर्द कैसे सहना है? आँख लाख चाहे… Continue reading तुम अगर नहीं आयीं / कुमार विश्वास