Trilok Singh Thakurela Archive

जागरण / त्रिलोक सिंह ठकुरेला

उठो सुबह सूरज से पहले, नित्य कर्म से निवृत हो लो। नित्य नहाओ ठण्डे जल से, पढ़ने बैठो, पुस्तक खोलो॥ करो नाश्ता,कपड़े बदलो, सही समय जाओ स्कूल। करो पढ़ाई खूब लगा मन, इसमें करो न बिल्कुल भूल॥ खेलो खेल शाम …

ऐसा वर दो / त्रिलोक सिंह ठकुरेला

भगवन् हमको ऐसा वर दो। जग के सारे सद्गुण भर दो॥ हम फूलों जैसे मुस्कायें, सब पर प्रेम ­ सुगंध लुटायें, हम पर­हित कर खुशी मनायें, ऐसे भाव हृदय में भर दो। भगवन् हमको ऐसा वर दो॥ दीपक बनें, लड़े …