बात की बात खुराफत की खुराफात, बेरिया का पत्ता सवा सत्रह हाथ, उसपे ठहरी बारात! मच्छर ने मारी एड़ तो टूट गया पेड़, पत्ता गया मुड़ बारात गई उड़। -साभार: दुनिया सबकी
Category: Safdar Hashmi
किताबें / सफ़दर हाशमी
किताबें करती हैं बातें बीते जमानों की दुनिया की, इंसानों की आज की कल की एक-एक पल की। खुशियों की, गमों की फूलों की, बमों की जीत की, हार की प्यार की, मार की। सुनोगे नहीं क्या किताबों की बातें? किताबें, कुछ तो कहना चाहती हैं तुम्हारे पास रहना चाहती हैं। किताबों में चिड़िया दीखे… Continue reading किताबें / सफ़दर हाशमी