shakeel Jamali Archive

अल्फ़ाज नर्म हो गए लहजे बदल गए / शकील जमाली

अल्फ़ाज नर्म हो गए लहजे बदल गए लगता है ज़ालिमों के इरादे बदल गए ये फ़ाएदा ज़रूर हुआ एहतिजाज से जो ढो रहे थे हम को वो काँधे बदल गए अब ख़ुशबुओं के नाम पते ढूँडते फिरो महफ़िल में लड़कियों …

अगर हमारे ही दिल मे ठिकाना चाहिए था / शकील जमाली

अगर हमारे ही दिल मे ठिकाना चाहिए था तो फिर तुझे ज़रा पहले बताना चाहिए था चलो हमी सही सारी बुराईयों का सबब मगर तुझे भी ज़रा सा निभाना चाहिए था अगर नसीब में तारीकियाँ ही लिक्खीं थीं तो फिर …