Indeevar Archive

देर लगी आने में तुमको / इंदीवर

देर लगी आने में तुमको शुक्र है फिर भी आए तो आस ने दिल का साथ न छोड़ा वैसे हम घबराए तो तुम जो न आते हम तो मर जाते क्या हम अकेले ज़िंदा रहते तुमसे कहें क्या जो बीती …

देख सकते नहीं तुमको / इंदीवर

देख सकते नहीं तुमको जी भर के हम दिल में किसके ग़ुमां क्या गुज़र जाएगा तुमको अपना कहें तो कहें किस तरह सारी महफ़िल का चेहरा उतर जाएगा देख सकते नहीं … तुम भी बेताब हो हम भी बेचैन हैं …

दर्पण को देखा तूने / इंदीवर

दर्पण को देखा तूने जब जब किया श्रृंगार फूलों को देखा तूने जब जब आई बहार एक बदनसीब हूँ मैं मुझे नहीं देखा एक बार सूरज की पहली किरनों को देखा तूने अलसाते हुए रातों में तारों को देखा सपनों …

दुश्मन न करे दोस्त ने / इंदीवर

दुश्मन न करे दोस्त ने वो काम किया है उम्र भर का ग़म हमें ईनाम दिया है तूफ़ां में हमको छोड़ के साहिल पे आ गये नाख़ुदा का हमने जिन्हें नाम दिया है उम्र भर का ग़म … पहले तो …

हम छोड़ चले हैं महफ़िल को / इंदीवर

हम छोड़ चले हैं महफ़िल को याद आए कभी तो मत रोना इस दिल को तसल्ली दे देना घबराए कभी तो मत रोना हम छोड़ चले हैं महफ़िल को … एक ख़्वाब सा देखा था हमने जब आँख खुली वो …

जो तुमको हो पसंद वही बात करेंगे / इंदीवर

जो तुमको हो पसंद, वही बात करेंगे तुम दिन को अगर रात कहो, रात कगेंगे जो तुमको … चाहेंगे, निभाएंगे, सराहेंगे आप ही को आँखों में दम है जब तक, देखेंगे आप ही को अपनी ज़ुबान से आपके जज़्बात कहेंगे …

है प्रीत जहाँ की रीत सदा / इंदीवर

जब ज़ीरो दिया मेरे भारत ने भारत ने मेरे भारत ने दुनिया को तब गिनती आई तारों की भाषा भारत ने दुनिया को पहले सिखलाई देता ना दशमलव भारत तो यूँ चाँद पे जाना मुश्किल था धरती और चाँद की …

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे / इंदीवर

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे, तड़पता हुआ जब कोई छोड़ दे तब तुम मेरे पास आना प्रिये, मेरा दर खुला है खुला ही रहेगा तुम्हारे लिये, कोई जब … अभी तुमको मेरी ज़रूरत नहीं, बहुत चाहने वाले मिल जाएंगे …

प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो / इंदीवर

प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो समदरसी है नाम तुम्हारो, नाम की लाज करो प्रभु जी मेरे अवगुन चित ना धरो.. एक नदी एक नाला कहाय, मैल हो नीर भरो गंगा में मिल कर दोनों, गंगा नाम परो प्रभु …

मुझे नहीं पूछनी तुमसे बीती बातें / इंदीवर

मुझे नहीं पूछनी तुमसे बीती बातें कैसे भी गुज़ारी हों तुमने अपनी रातें जैसी भी हो बस आज से तुम मेरी हो मेरी ही बनके रहना, मुझे तुमसे है इतना कहना मुझे नहीं पूछनी … बीते हुए कल पे तुम्हारे …