Aish Dehlvi Archive

मैं बुरा ही सही भला न सही / ‘ऐश’ देलहवी

मैं बुरा ही सही भला न सही पर तेरी कौन सी जफ़ा न सही दर्द-ए-दिल हम तो उन से कह गुज़रे गर उन्हों ने नहीं सुना न सही शब-ए-ग़म में बला से शुग़ल तो है नाला-ए-दिल मेरा रसा न सही …

क्या हुए आशिक़ उस शकर-लब के / ‘ऐश’ देलहवी

क्या हुए आशिक़ उस शकर-लब के ताने सहने पड़े हमें सब के भूलना मत बुतों की यारी पर हैं ये बद-केश अपने मतलब के क़ैस ओ फ़रहाद चल बसे अफ़सोस थे वो कम-बख़्त अपने मशरब के शैख़ियाँ शैख़ जी की …

कुछ कम नहीं है शम्मा से दिल की / ‘ऐश’ देलहवी

कुछ कम नहीं है शम्मा से दिल की लगन में हम फ़ानूस में वो जलती है याँ पैरहन में हम हैं तुफ़्ता-जाँ मुफ़ारक़त-ए-गुल-बदन में हम ऐसा न हो के आग लगा दें चमन में हम गुम होंगे बू-ए-ज़ुल्फ़-ए-शिकन-दर-शिकन में हम …

जुरअत ऐ दिल मय ओ मीना है / ‘ऐश’ देलहवी

जुरअत ऐ दिल मय ओ मीना है वो ख़ुद काम भी है बज़्म अग़्यार से ख़ाली भी है और शाम भी है ज़ुल्फ़ के नीचे ख़त-ए-सब्ज़ तो देखा ही न था ऐ लो एक और नया दाम तह-ए-दाम भी है …

आशिक़ों को ऐ फ़लक देवेगा तू / ‘ऐश’ देलहवी

आशिक़ों को ऐ फ़लक देवेगा तू आज़ार क्या दुश्मन-ए-जाँ उन का थोड़ा है दिल-ए-बीमार क्या रश्क आवे क्यूँ न मुझ को देखना उस की तरफ़ टकटकी बाँधे हुए है रोज़न-ए-दीवार क्या आह ने तो ख़ीमा-ए-गर्दूं को फूँका देखें अब रंग …