Hanson-Rehani Archive

रंग ये है अब हमारे इश्क़ की तासीर का / हेंसन रेहानी

रंग ये है अब हमारे इश्क़ की तासीर का हुस्न आईना बना है दर्द की तस्वीर का एक अर्सा हो गया फ़रहाद को गुज़ारे हुए आओ फिर ताज़ा करें अफ़्साना जू-ए-शीर का गुलसिताँ का ज़र्रा ज़र्रा जाग उठे अंदलीब लुत्फ़ …

हर ज़र्रा है जमाल की दुनिया लिए हुए / हेंसन रेहानी

हर ज़र्रा है जमाल की दुनिया लिए हुए इंसाँ अगर हो दीद-ए-बीना लिए हुए कैफ़-ए-निगाह सहर-ए-बयाँ मस्ती-ए-ख़िराम हम आए उन की बज़्म से क्या क्या लिए हुए नक़्श-ओ-निगार-ए-दहर की रानाइयाँ पूछ दर-पर्दा हैं किसी का सरापा लिए हुए बे-लाग मैं …

आज सौदाए मोहब्बत की ये अर्ज़ानी है / हेंसन रेहानी

आज सौदाए मोहब्बत की ये अर्ज़ानी है काम बे-कार जवानों का ग़ज़ल-ख़्वानी है ग़म की तकमील का सामान हुआ है पैदा लाइक़-ए-फख़्र मेरी बे-सर-ओ-सामानी है संग ओ आहन तो बनने आईने उन की ख़ातिर दिल न आईना बना सख़्त ये …