Faqir Mohammad ‘Goya ‘ Archive

हसरत ऐ जाँ शब-ए-जुदाई है / फ़कीर मोहम्मद ‘गोया’

हसरत ऐ जाँ शब-ए-जुदाई है मुज़दा ऐ दिल के मौत आई हैं फिर गया जब से वो सनम ब-ख़ुदा हम से बर्गश्‍ता इक ख़ुदाई है तुम मेरे कज़-कुलाह को देखो ये भला किस में मीरजाई है दिल में आता है …

हर रविश ख़ाक उड़ाती है सबा मेरे बाद / फ़कीर मोहम्मद ‘गोया’

हर रविश ख़ाक उड़ाती है सबा मेरे बाद हो गई और ही गुलशन की हवा मेरे बाद क़त्ल से अपने बहुत ख़ुश हूँ वले ये ग़म है दस्त-ए-क़ातिल को बहुत रंज हुआ मेरे बाद मुझ सा बद-नाम कोई इश्‍क़ में …