Bhagwati Prasad Dwivedi Archive

सो जा ओ बिटिया रानी / भगवतीप्रसाद द्विवेदी

थपकी देकर सुला रही तेरी नानी, सो जा, सो जा, सो जा ओ बिटिया रानी! तू तो राजकमारी, राजदुलारी है तेरे बिन फीकी हर महल-अटारी है, तेरी नादानी, शैतानी के आगे, सौ-सौ समझदारियां हरदम हारी हैं। तेरी मस्ती से है …

निंदिया आ री / भगवतीप्रसाद द्विवेदी

निंदिया, तू है कितनी प्यारी, बिटिया की अंखियों में आ री! आ जा फुदक-फुदक चिड़िया-सी रुनझुन-गुनगुन गाती, आंगन में उतरी चंदनिया ठुमक-ठुमक लहराती। आ जा सजा सपन फुलवारी, महके मह-मह क्यारी-क्यारी। नींद समंदर में सोए हैं सूरज दादा थककर, चंदा …