प्यारी नानी / वसु मालवीय

मम्मी की भी मम्मी हैये
अपनी प्यारी नानी,
दुलरा देती जब हम करते-
हैं कोई शैतानी।

नहीं मारती, नहीं डाँटती
बिल्कुल सीधी सादी,
उतनी ही बुढ़ी है, जितनी-
बूढ़ी मेरी दादी।

लोरी गाकर कभी सुलाती-
या फिर परी कहानी!

बाँच-बाँच लेती रामायण-
की पोथी घंटे भर,
खेल-कूद कर गुड़िया लौटी
मिट्टी पोते मुँह पर।

हँसती-हँसती मुँह धुलवाती
नानी लेकर पानी!

झुर्री पड़े गाल हैं उसके
बाल मुलायम रेशम,

नकली दाँत लगाए नानी
हमको बाँटे चिंगम।

पेपर पढ़ती लेकर ऐनक
तिरछी सधी कमानी!